शुक्रवार, 26 जून 2015

Sixteenth Letter

पत्र सोलहवाँ

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इस पत्र में आल्या की ट्रान्सएटलांटिक स्टीमर्स के बारे में की गई टिप्पणी को आगे बढ़ाया गया है, डेक पर होने वाले डान्स के बारे में, कारों के बारे में, बोरिस पास्तरनाक के बारे में, मॉस्को के पब्लिशिंग हाउस के बारे में और हमारे भविष्य के बारे में लिखा गया है.
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तुमने मुझे बड़ी अच्छी तरह से ट्रान्सएटलांटिक स्टीमर के बारे में बताया. ख़ैर, तुम्हारे लब्ज़ों के लिए मैं – गुल्लक हूँ. तुमने बताया कि ऐसे स्टीमर में पूरे समय महसूस करते हो कि वह कैसे आपको खींचता है. गति को नहीं, बल्कि कर्षण को, वेग और वेग के सामर्थ्य को. कार चलाने वाले को यह बात समझ में आ जाती है. कारों का कर्षण अलग-अलग तरह से होता है.

बढ़िया कार तुम्हारी पीठ को आराम से सहारा देती है, जैसे हथेली से तुम्हें थोड़ा धक्का दे रही हो. अच्छी कार का प्रमुख आकर्षण होता है – उसके कर्षण का गुण, पॉवर के बढ़ते जाने का गुण. ये एहसास, आवाज़ के ऊँचे होते जाने जैसा होता है. ‘फिएट’ की कर्षण-आवाज़ बड़े प्यार से ऊँची होती जाती है. एक्सेलेरेटर दबाओ, और कार उत्तेजित होकर तुम्हें फुर्ती से ले चलती है. ऐसी भी कारें होती हैं जो बड़ी पॉवर से, मगर कठोरता से चलती हैं, ख़ास तौर से मुझे ऐसी एक कार की याद है : साठ-पॉवर वाली ‘मिशेल’. कार में हर एहसास अलग ही तरह का होता है: या तो तुम कर्षण और शांति का अनुभव करते हो, या फिर कर्षण और पीड़ा का. मगर हर बात तुम पर प्रभाव डाल रही गति पर निर्भर करती है.

ट्रान्सएटलांटिक स्टीमर को मैंने नहीं देखा है. मगर मुझे वह अच्छा लगता है और मैं उसे समझ सकता हूँ. हो सकता है, चलते हुए फ़र्श पर डान्स करना, चुम्बन लेना और सोचना बहुत अच्छा लगता होगा, जब ख़याल गति से कुछ पिछड़ जाते हैं, जैसे लिफ्ट के नीचे उतरते समय दिल पीछे रह जाता है.   

ये संगीत के प्रभाव में आने वाले ख़यालों जैसा, मगर बेहतर है. ये “युद्ध और शांति” में हो रही दोलोखोव की बातचीत जैसा है जब “आह, मेरा पोर्च, मेरा पोर्च!” गीत के कारण वह अपने साथी से बहस नहीं कर पा रहा था.

नई ज़िन्दगी, नए अनुभवों का जन्म हो रहा है, सभी लोग उन पर ग़ौर नहीं करते हैं. हमारी धरती को रस्सियों से कहीं खींचा जा रहा है. एक बार तुम्हारी बहन मॉस्को-प्रकाशन हाउस में बैठी थी. शायद काफ़ी ठण्ड थी, अख़बारी दुनिया के काफ़ी लोग थे. वह पास्तरनाक, बोरिस, के साथ बैठी थी. वह हमेशा की तरह ही बात कर रहा था,  शब्दों के गुच्छे कभी एक ओर, तो कभी दूसरी ओर फेंक रहा था, और सबसे ख़ास बात कही ही नहीं गई. सबसे ख़ास शब्द.

मगर ख़ुद पास्तरनाक इतना अच्छा था कि मैं अभी उसका वर्णन कर देता हूँ. उसका सिर अण्डे के आकार के पत्थर जैसा है, ठोस, मज़बूत, सीना - चौड़ा, आँखें - भूरी. मरीना त्स्वेतायेवा कहती है पास्तरनाक एक ही साथ अरब के और उसके घोड़े के समान है. पास्तरनाक को हमेशा कहीं छिटकने की जल्दी होती है, मगर उन्माद से नहीं, बल्कि जैसे वह कहीं खिंचा जा रहा हो, किसी मज़बूत और जोशीले घोड़े की तरह. वह चलता है, मगर उसका दिल तीर की तरह लपकने को चाहता है, सामने, दूर, पैरों से छलांगें लगाते हुए. कई सारे न समझ में आने वाले शब्दों के बाद पास्तरनाक ने तुम्हारी बहन से कहा:
 “जानती हैं, हम जैसे किसी स्टीमर में हैं.”

ओवरकोट पहने, पब्लिकेशन हाउस के पास वाले काऊंटर पर सैण्डविच खाने वाले लोगों के बीच, यह आदमी इतिहास के कर्षण को महसूस करता है. वह गति को महसूस करता है, अपने कर्षण के कारण उसकी कविताएँ ख़ूबसूरत होती हैं, उनकी पंक्तियाँ छिटकने को बेताब हैं, और ठहर नहीं सकतीं, स्टील की स्प्रिंग्स की तरह, वे एक दूसरे से टकराती, एक दूसरे को धकेलती जाती हैं, अचानक ब्रेक लगाई गई ट्रेन के डिब्बों की तरह. अच्छी कविताएँ हैं.

बर्लिन में पास्तरनाक उत्तेजित हो जाता है. वह पश्चिमी संस्कृति का इन्सान है, कम से कम, उसे समझता है, पहले भी जर्मनी में रह चुका है, अभी उसके साथ जवान, सुन्दर बीबी है, - वह काफ़ी उत्तेजित है. पत्र का निष्कर्ष निकालने की दृष्टि से नहीं, बल्कि सच में कहता हूँ, मुझे लगता है कि वह हमारे बीच कर्षण के अभाव को महसूस करता है. हम शरणार्थी हैं – नहीं, हम शरणार्थी नहीं हैं, हम भाग कर आए हैं, और अब यहाँ घुलमिल गए हैं.

फ़िलहाल इतना ही.

रूसी बर्लिन कहीं नहीं जाएगा. उसका कोई भविष्य नहीं है.

कोई कर्षण नहीं.



कितनी स्पष्टता से मैं इसे महसूस करता हूँ. हो सकता है, तुम्हें अनजान लोग आकर्षित करते हों, अंग्रेज़, अमेरिकन, हो सकता है, हमारे साथ तुम ‘बोर’ हो जाती हो, क्योंकि तुम भी इसे महसूस करती हो. उन लोगों के पास यांत्रिक कर्षण है, ट्रान्सएटलांटिक स्टीमर का कर्षण, जिसके डेक पर डान्स करना जिम्मी को अच्छा लगता है. हम अपनी औरतों को खोते जा रहे हैं. अपने बारे में सोचने का वक़्त आ गया है. हम, मर्द लोग, इन्टर्नल कम्बस्शन वाले इंजिन हैं, हमारा काम नौका को खींचना है. डेक के लिए हमारे पास डान्स वाले जूते नहीं हैं.

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